Wednesday, May 20, 2020

असमय प्राकृतिक आपदा

असमय प्राकृतिक आपदा आने का मुख्य कारण यह है हम अध्यात्म को छोड़कर Science पर ज्यादा विश्वास करने लग गए हमें अध्यात्म को विस्तार से समझना होगा यह उस परमात्मा खुदा का ही कहर है  जिससे गीता में भी बोला गया कि जब-जब धर्म की हानि होती हैं तब तब मैं खुद अपना अवतार रूप में आकर उसको बराबर करता हूं कि यह इंसानों द्वारा किए गए पाप कर्मों से ही पृथ्वी पर जब पाप कर्म बढ़ जाते हैं तो यह समय आपदा आती हैं जिससे इंसान का नुकसान होता है तो

हमें अगर समय आपदा से बचना हो तो अध्यात्म को समझना होगा परमात्मा की भक्ति की तरफ बढ़ना होगा जैसे आज के देखे जाए तो कोरोना जैसी महामारी पूरे विश्व को हिलाकर रख दिया है भूकंप चक्रवात पता नहीं क्या-क्या कहर इंसान के ऊपर टूट रहे हैं लेकिन हम अभी भी नहीं समझ रहे हैं इंसान मांसाहारी हो गया है बुराई पकड़ ली है यह सब हमें बुराई छोड़नी पड़ेगी तब जाकर हमारा कल्याण संभव है हमारा पुण्य संभव है तब जाके हम इन आपदाओं से टल सकते हैं वर्ना इससे टलना बहुत मुश्किल है इसलिए हमारी प्रार्थना आपसे यही हैं कि सत्य भक्ति करें और उस परमात्मा को याद करें शास्त्रों के अनुसार भक्ति करें शास्त्र के अनुसार भक्ति का प्रमाण देखने के लिए साधना चैनल पर शाम को 7:30 से 8:30 बजे प्रतिदिन और ईश्वर टीवी चैनल पर शाम को 8:30 से 9:30 बजे तक प्रतिदिन संत रामपाल जी महाराज के सत्संग अवश्य सुने
 भक्ति क्यों ज़रूरी है?

मोक्ष प्राप्त करने के लिए सच्ची भक्ति ज़रूरी है। जन्म मरण के चक्र से छूटने के लिए भक्ति ज़रूरी है।
सच्ची भक्ति अपनाएं, मोक्ष कराएं भक्ति से आर्थिक मानसिक और शारीरिक सुख होता है। इसलिए भक्ति करना ज़रूरी है। सत भक्ति करने से अहंकार से दूर होकर मनुष्य नेक इंसान बन कर सुखी जीवन व्यतीत करता है। पूर्ण गुरु से नाम उपदेश लेकर मर्यादा में रहते हुए आजीवन सत भक्ति करने से ही सर्व सुख व पूर्ण मोक्ष मिलता है। भक्ति करने से आने वाली आपदाएं दूर होती हैं। भक्ति करने से हमारे अंदर आत्म संतोष आता है । । 

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